पटना,

बी टेक, बी ई, बी एस सी( इंजीनियरिंग), एम टेक, एम एस सी( इंजीनियरिंग), एम सी ए आदि ये है उच्च डिग्रियाँ जिसे पाने के लिए एक लम्बे समय के साथ काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन इनकी हालत या यूं कहें कि बिहार में इंजीनियरों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है एक छोटी सी बहाली से जो अभी वर्तमान में बिहार सरकार द्वारा की जा रही है। इस बारे में थोड़ी सी जानकारी मैं यहां पहुंचा रहा हूं। बिहार सरकार ने कुछ दिन पहले कांट्रैक्ट पर एक नियुक्ति की घोषणा की। पद का नाम है ब्लाक आई टी एसिस्टेंट। पूरे बिहार में 534 पद। सैलरी है 8000 रूपये।  फरवरी की 11 तारीख को अंतिम दिन था इसके लिए आनलाइन आवेदन करने का। परिणाम घोषित हो चुके हैं। 3 मार्च 2011 को 11 बजे बुलाया गया है काउंसेलिंग के लिए। मेरे पास सात जिलों के परिणाम हैं जिन्हें मैं आपके सामने रखूंगा। सारण, सीवान, मधुबनी, जहानाबाद, अरवल, नवादा और पटना के परिणाम पर जरा विचार करते हैं।
मेरिट लिस्ट में आये उम्मीदवार
कुल सीट =108
BE/ B Tech/ B Sc(Engg) etc
   अरवल  जहानाबाद  नवादा      पटना      मधुबनी       सारण        सीवान
  3/5      6/7   11/14   19/23  16/20   16/20   16/19
108 में 87 यानि 80 प्रतिशत
M Tech/ M Sc/ MCA etc
अरवल  जहानाबाद  नवादा      पटना     मधुबनी         सारण      सीवान
1/5   0/7        2/14   4/23   3/20    2/20   3/19
108 में 15 यानि 14 प्रतिशत
वेटिंग लिस्ट में आये उम्मीदवार
दो जिलों की वेटिंग लिस्ट नहीं दी गयी है।
पांच जिले में वेटिंग लिस्ट में कुल दी हुई उम्मीदवारों की संख्या =241
BE/ B Tech/ B Sc(Engg) etc
अरवल     पटना       मधुबनी           सारण        सीवान
3/15    56/64      12/55    12/52   12/55
241 में 95  यानि 39 प्रतिशत
M Tech/ M Sc/ MCA etc
अरवल    पटना       मधुबनी          सारण          सीवान
6/15    7/64      25/55    31/52     30/55
241 में 99 यानि 41 प्रतिशत
स्रोत: madhubani.bih.nic.in
saran.bih.nic.in
patna.bih.nic.in
arwal.bih.nic.in
jehanabad.bih.nic.in
siwan.bih.nic.in
navada.bih.nic.in
तो ये रहा हमारे यहां के इंजीनियरों का हाल। ऐसी बात नहीं कि हमारे ये इंजीनियर देश की सेवा के लिए प्रखंडों में कार्य करने को इच्छुक हैं। ये बहाली हमारी सरकार, शिक्षा और शासन का एक बहुत ही घटिया पक्ष है। आये दिन घोषणाएँ होती रहती हैं कि यहां इंजीनियरिंग कालेज खुलेंगे तो वहां मेडिकल कालेज खुलेंगे। मैं इस परिणाम को दिखाकर कुछ ज्यादा कहना चाहता नहीं। आप खुद इसे देखें और सोचें कि बिहार राज्य में विकास के क्या मानक हैं। अगर राज्य में इतनी ज्यादा संख्या इंजीनियरों की प्रखंडों में क्लर्की करने के लिए मारामारी कर रही हो इसे विकास का बहुत ही अच्छा उदाहरण माना जा सकता है!! इसे देखें और खुद समझने की कोशिश करें कि स्थिति कैसी है।
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